Scorpio Horoscope Yearly 2015

Scorpio (वृश्चिक) Horoscope

वृश्चिक- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

Scorpio (वृश्चिक) राशि के लिए शुभ

वृश्चिक राशि के लिए गुरू, चन्द्रमा, और मंगल शुभ ग्रह है,
वृश्चिक राशि के लिए कर्क, वृश्चिक ,सिंह, और मीन शुभ राशि है,
वृश्चिक राशि के लिए लाल , पीला, गुलाबी एवं सफेद, शुभ रंग है,
वृश्चिक राशि के लिए सोमवार, मंगलवार एवं गुरूवार शुभ वार है,
वृश्चिक राशि के लिए 1, 2, 3 एवं 9 शुभ अंक है,
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है, मूंगा शुभ रत्न है, मोती और पुखराज भी पहन सकते है,
वृश्चिक राशि के लिए आराध्य देव गणेश जी हैं शिव, एवं हनुमान जी शुभ देवता है,
वृश्चिक राशि के लिए मंगलवार का दिन और तिथि अष्टमी का व्रत शुभ है,
वृश्चिक राशि के लिए तीनमुख रूद्राक्ष एवं पंचमुखी रूद्राक्ष शुभ रूद्राक्ष है,

Scorpio (वृश्चिक) Yearly horoscope 2017

जनवरी  :- राशि पर शनि चल रहा है, चार जनवरी तक राशि का स्वामी मंगल तीसरे स्थान में होने से पराक्रम में अधिकता, काम में लाभ होगा,उन्नति के अवसर बनेंगे, पांच जनवरी सेअचानक खर्चो में बढ़ोतरी होगी, घरेलू परेशानियों का सामना करना होगा क्यों की  मंगल चौथे स्थान पे आ जायेगा, लक्ष्मी चालिषा  का पाठ करना लाभदायक  रहेगा,

फरवरी  :-    शनि की साढ़े साती लगी हुई है, महीने के शुरू में राशि स्वामी मंगल चौथे स्थान होने से परिवार सम्बन्धी परेशानी के योग बनते है, 16 जुलाई तक गुरु की शुभ दृष्टि होने के कारण ,गुजारे मात्र ही  धन प्राप्ति के योग बनेंगे है, दान पुण्य, धर्म में आस्था बढ़ेगी,

मार्च:- इस राशि पे गुरु की शुभ दृस्टि होने से काम काज में व्यस्त जीवन  बना रहेगा, कोई पुराना कार्य जो अटका हुआ हो उसके बनने के आसार है, विदेश सम्बन्धी कामो में बाधा आने के योग है, नए व्यक्ति से सम्पर्क भाग्य वर्द्धि करा सकता है, शनि के कारण मानसिक परेशानी और खर्चा अधिक होगा,

अप्रैल :- इस राशि पर शनि का संचार के साथ मंगल और गुरु की दृष्टि भी है, व्यापार में हानि का सामना करना होगा, बड़ी परेशानी के बाद गुजारे मात्र आय के साधन होंगे, शनि साढ़े साती के कारण क्रोध अधिक और उत्तेजना अधिक रहे, अचानक खर्च बढ़ने योग है,

मई :- इस राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है, मंगल की दृष्टि भी  पड़ी हुई है, इस महीने मिले जुले फल होंगे, व्यवसाय में नाममात्र लाभ होंगे, और धन का खर्च अधिक होगा, क्रोध और उतावलेपन के कारण कोई रुका हुआ काम बिगड़ेगा, आर्थिक परेशानी के कारण मानसिक तनाव और चिंताए बढ़ सकती है,

जून :- इस राशि पे गुरु, सूर्य, भोम, बुध इन ग्रहो की शुभ और अशुभ दोनों दृष्टि पड़ रही है, शनि की साढ़े साती भी है, परिश्रम के बाद भी धन लाभ सामान्य रहे, पेट में परेशानी और आँखों में कष्ट का डर हो, धन का अत्यधिक खर्च हो, किसी नए मित्र के साथ सम्पर्क पैदा होने के योग है, विधा और पहले किये गए कामो में सफलता मिलने के आसार होंगे, अचानक खर्चो में बढ़ोतरी होगी,

जुलाई :-  व्यापर में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा, बहुत अधिक परिश्रम करने के बाद भी खर्च से आय कम होगी, शनि की साढ़े साती के कारण  धन खर्च अधिक होगा, मानसिक तनाव अधिक रहेगा, 12 व् 13 तारीख को परिवार को लेकर परेशानी हो सकती है, गुजारे योग्य धन प्राप्ति के साधन बनते रहेंगे,

अगस्त :-      राशि  का स्वामी नीच का होने के कारण और शनि की साढ़े साती होने के कारण बनते कामो में रुकावट और देरी होगी, मजदूरी, नौकरी, के स्थान पर किसी से धोखा मिल सकता है, सावधानी रखे, मन में अजीब उलझन रहेगी, और मन अशांत रहेगा,  क्यों की खर्च की अधिकता रहेगी, शरीर में चोट लगने और कष्ट  का डर रहेगा,

सिंतबर :-   महीने के शुरू में मंगल नीच का है, व्यापर में कभी लाभ कभी हानि के योग रहेंगे, वाहनो में घूमने  का मौका मिलेगा, परिवार में आपसी परेशानियों के कारण मन अशांत रहेगा, बनते कामो में बाधा उत्पन्न होगी, धन प्राप्ति के योग कम रहेंगे, खर्च के अधिक रहेंगे,

अक्टूबर :-  इस राशि पे शनि की दशा चलने  से खर्च की तुलना में आय कम होगी, बेकार की मेहनत अधिक और अत्यधिक खर्चा रहेगा, स्वास्थ्य में नरमी रहेगी, बनते कामो में बाधा आने के योग है, परिवारिक परेशानिया ज्यादा रहेगी, जिससे मानसिक तनाव और चिंता का विषय  बना रहेगा,

नवम्बर:- खर्च अधिक होगा, और आय कम रहेगी, व्यापर में कभी हानि कभी लाभ के योग बने रहेंगे, अत्यधिक मेहनत करने के बाद भी लाभ कम रहेगा, परिवार में आपसी मतभेद  और मानसिक तनाव बना रहेगा, आर्थिक परेशानियों के चलते मन अशांत रहेगा, वाहनो में पैसा खर्च होगा, वाहन चलाते समय सावधानी रखे,

दिसम्बर :-  इस राशि पर महीने के शुरू में सूर्य और शनि होने के कारण धन लाभ होगा, बिगड़े कामो में सुधार होगा, किसी उच्च व्यक्ति से सम्पर्क होगा, पारिवारिक आयोजन में जाने से मन सम्मान बढ़ेगा, किन्तु शनि के कारण अशांत मन की स्थिति बनी रहेगी, लाभ प्राप्ति के मार्गो में अड़चने  आएगी, महीने के अंत में चोट  का डर बना रहेगा,